Saturday, November 12, 2011

सेक्स या वेश्यावृति को वैध क्यों नहीं करते

सेक्स या वेश्यावृति को वैध क्यों नहीं करते ...........
जी हाँ मेरा उन समाज और संस्कृति के ठेकेदारों से जिन्होंने सामाजिक व्यवस्था के नाम पे उस सत्य को दबाने की कोशिश की है जिसके सामने तो बड़े बड़े ऋषि मुनियों के भी व्रत भंग हो जाया जरते है , प्रश्न है की ऐसी सामाजिक व्यवस्था क्या काम की है जिसमे व्यक्ति को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है फिर चाहे वो शिकार हो या शिकारी हो | ये खुद भी उसी चीज़ को गलत मानने लगते है यदि ऐसी कोई घटना उनके सगे संबंधियों के साथ होती है तो ...
लडकिया भी २१ वी सदी की बात करती है तो फिर इन विषयों पर चुप कैसे रह सकती है , इसी चुप्पी के कारण किसी की बहन , माँ और बेटी के साथ नाइंसाफी हो जाती है ....
बात सिर्फ इन्सान की सोच का नहीं है , यदि बिल्ली के सामने दूध रखोगे और ये उम्मीद करो की वो नहीं पियें तो ये कहा तक जायज है