क्या हुआ है हमारे देश के वैज्ञानिको को ......
क्या वो एक ऐसा यन्त्र भी नहीं बना सकते जो देश में हो रही रेल दुर्घटनाओ को रोक सके ...
इसरो , केट जैसी संस्थाए भी क्या कर रही है ? क्या ये इतना कठिन है .
मै एक छोटी सी सलाह देना चाहता हूँ की क्या ऐसे दो फ्रीक्वेंसी उपकरण भी नहीं बना सकते जो की एक ट्रेक पर आ रही दो रेलों को निश्चित दुरी पर रोक सके , इतने सारे तो रेडियो फ्रीक्वेंसी उपकरण है उनको देख के ही कोई सा नया बना ले ......
